प्रतापगढ़:-ACB की बड़ी कार्यवाही, नारकोटिक्स SP गिरफ्तार

कोटा में नारकोटिक्स के डिप्टी कमिश्नर सही राम मीणाव SP सुधीर यादव को एसीबी द्वारा रिश्वत लेते पकड़े जाने की कार्रवाई के बाद से लगता है अब नारकोटिक्स विभाग के बुरे दिन आ गए हैं। एसीबी आए दिन नारकोटिक्स विभाग के काले कारनामों का चिट्ठा खोलने में लगी है। आज भी एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जहां मादक पदार्थ का जखीरा पकड़ा है, वहीं नारकोटिक्स अधिकारियों के ठिकानों पर कार्रवाई की है।

कोटा में नारकोटिक्स विभाग डिप्टी कमिश्नर सही राम मीणा को रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद जो खुलासे हुए थे, उन्होने नारकोटिक्स विभाग की कार्यशैली को भी सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया था और उसी का नतीजा है कि एसीबी की नजर नार्कोटिक्स विभाग की ओर है। यूं तो एसीबी की टीमें इन दिनों प्रदेश में सक्रिय है, लेकिन कल चित्तौड़गढ़ जिले में कोटा, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ की टीमों ने डेरा डाला हुआ था। एसीबी की टीमों की नजर नारकोटिक्स अधिकारियों पर थी और देर शाम एसीबी की टीमों ने नारकोटिक्स अधीक्षक सुधीर यादव के आवास पर दबिश दी।

एसीबी टीम को अधीक्षक सुधीर यादव के आवास से करीब 14 ग्राम ब्राउन शुगर और 85 हजार रुपये की नगदी मिली। इसके बाद एसीबी टीम नारकोटिक्स के सब इंस्पेक्टर भानूप्रताप के आवास पर पहुंची तो यहां से एसीबी को लाखों रुपये की नगदी मिली। इधर एसीबी की टीम जब नारकोटिक्स विभाग के हेड़ कांस्टेबल प्रवीण सिंह के आवास पर पहुंची तो यहां शराब की बोतलों का जखीरा एसीबी के हाथ लग गया। एसीबी टीम ने अधीक्षक के खिलाफ चित्तौड़गढ़ के सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी है, जबकि हेड़ कांस्टेबल के खिलाफ कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

इसी दौरान एसीबी की टीमों को एक और सुराग हाथ लग गया, एसीबी की टीमों ने आज सुबह कपासन के निम्बाहेड़ा और भीमगढ़ में छापे मार कार्रवाई शुरू कर दी है। एसीबी की टीमों को भीमगढ़ और गोरा जी का निम्बाहेड़ा में कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में अफीम, डोडा-चूरा अवैध हथियारों का जखीरा और लाखों रूपये की नगदी भी मिली है। एसीबी के एएसपी राजेश चौधरी टीम भी कार्रवाई को अंजाम देने में लगी हुई है।

इधर स्थानीय पुलिस को भी एसीबी ने साथ में रखा है, जहां जरूरी है वहां संबंधित थानों में मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। पुलिस की ओर से मौके पर पहुंचे एएसपी विपिन शर्मा ने बताया कि कार्रवाई जारी और जिला पुलिस और एसीबी संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रही है। इधर एसीबी कोटा के एसपी सुधीर चौधरी का कहना है कि पूरे मामले में आज ही खुलासा कर दिया जाएगा। जयपुर में पूरे मामले को लेकर खुद डीजी पत्रकारों से मुखातिब होंगे, लेकिन पूरे मामले में जिस तरह का खुलासा हुआ है उससे तो अब ऐसा लगने लगा है कि एसीबी ने जिस तरह से दर परत दर खुलासे किए है । लगता है कि नारकोटिक्स विभाग पूरा का पूरा संदेह के घेरे में है, क्योंकि एक व्यक्ति द्वारा करीब 10 से 15 अफीम पट्टो को किराए पर लेकर अफीम की खेती करना गैर कानूनी है तो फिर नारकोटिक्स विभाग क्या कर रहा था गोराजी का निम्बाहेड़ा में जहां से भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद हुआ, वह कोई गैर नहीं बल्कि नारकोटिक्स विभाग की ओर से नियुक्त मुखिया ही था।

कुल मिलाकर एसीबी की टीमों द्वारा की गई कार्रवाई अब नारकोटिक्स विभाग की पूरी-पूरी कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में ला दिया है। अब देखने वाली बात यहीं होगी कि एसीबी का अब इस मामले में अगला कदम क्या होता है।

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