/होली के बहाने की छेड़खानी तो खैर नहीं, जानिए- दिल्ली पुलिस की तैयारी

होली के बहाने की छेड़खानी तो खैर नहीं, जानिए- दिल्ली पुलिस की तैयारी

होली पर शराब के नशे और बिना नशे में भी लोग कई बार लड़कियों और महिलाओं से छेड़खानी कर बैठते हैं। हर साल होली से पूर्व अथवा

होली वाले दिन दिल्ली में इस तरह के मामले सामने आते हैं। जिसमें बड़ी संख्या में लड़कियां व महिलाएं मनचलों का शिकार होती हैं।

इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने इस बार सबक लिया है। पुलिस ने यह निर्णय लिया है कि अगर इस साल लड़कियों व महिलाओं के साथ छेड़खानी की गई तो आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली पुलिस प्रवक्ता और नई दिल्ली जिले के डीसीपी मधुर वर्मा के मुताबिक इस बार छेड़खानी करने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी। अपराध के अनुकूल मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा और जेल भी भेजा जा सकता है। पुलिस ने मनचलों पर नजर रखने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पूरी तैयारी की है।

कॉलेजों के बाहर महिला पुलिस तैनात

नई दिल्ली जिले के डीसीपी मधुर वर्मा का कहना है कि पिछले साल होली के पूर्व व होली वाले दिन लड़कियों व महिलाओं के साथ छेड़खानी की घटनाएं हुई थीं। इसे देखते हुए पांच दिन पूर्व शनिवार से ही दिल्ली के सभी स्कूलों व कॉलेजों के बाहर महिला व पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि लड़कियों व महिलाओं पर गुब्बारा फेंकने, फब्तियां कसने व अन्य तरह की अशोभनीय हरकत करने पर आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। इसके अलावा बाजारों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों के बाहर भी पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। सभी थानों के थानाध्यक्षों को अपने-अपने इलाके में गश्त करने के लिए कहा गया है।

नशे में वाहन चलाने पर लगेगा भारी जुर्माना

होली के दौरान शराब के नशे में वाहन चलाने के कारण सड़क हादसा न हो इस पर नकेल कसने के लिए भी यातायात पुलिस ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। जगह-जगह पिकेट लगाकर शराबी चालकों की पहचान की जाएगी। इसके लिए बार टॉक की मदद ली जाएगी। यानी बार के सामने चेकिंग की जाएगी। पकड़े जाने पर वाहन चालकों पर दो हजार रुपये जुर्माना सहित उन्हें जेल भी हो सकती है। होली के दिन दिल्ली में 200 से अधिक स्थानों पर पिकेट लगाकर वाहन चालकों की जांच की जाएगी।

होली मनाइए पर पानी भी बचाइए

दिल्ली में पेयजल की मांग और आपूर्ति में पहले से ही भारी अंतर है। लोग पेयजल किल्लत ङोलने को मजबूर होते हैं। फिर भी होली के दिन हजारों लीटर पानी बर्बाद हो जाता है। इसके मद्देनजर विशेषज्ञ व जल बोर्ड के अधिकारी कहते हैं कि होली जरूर मनाएं पर पानी बर्बाद न करें। सूखे गुलाल व हर्बल रंगों का इस्तेमाल कर होली मनाएं और पानी बचाएं। जल बोर्ड के अनुसार, ऐसा कोई अध्ययन नहीं हुआ जिससे यह पता चल सके कि होली के दिन कितना पानी बर्बाद होता है। पर यह देखा गया है कि उस दिन पानी की मांग करीब डेढ़ गुना बढ़ जाती है। क्योंकि घर-घर में उस दिन पानी का इस्तेमाल अधिक होता है।

दोपहर में भी जलापूर्ति

जल बोर्ड ने होली के मद्देनजर पूरी तैयारी कर ली है। लोगों की सुविधा के लिए उस दिन दोपहर में भी पानी आपूर्ति होगी। दिल्ली में प्रतिदन करीब 1140 मिलियन गैलन डेली (एमजीडी) पानी की जरूरत होती है। जबकि जल बोर्ड प्रतिदन करीब 900 एमजीडी पानी की आपूर्ति करता है। इस तरह प्रतिदिन करीब 240 एमजीडी पानी की कमी होती है। यमुना जिए अभियान के संयोजक मनोज मिश्र ने कहा कि संभव हो सके तो होली में पानी बर्बाद न करें। प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल किया जाए, जो यह आसानी से उतर जाता है। इससे पानी की बर्बादी ज्यादा नहीं होगी। इसके अलावा यह देखा गया है कि उस दिन लोग गुब्बारे में पानी भरकर फेंकते हैं। इसमें चोट लगने का भी डर रहता है। इसलिए गुब्बारे में पानी भरकर फेंकने से बचा जाना चाहिए। ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए जिससे किसी को दुख पहुंचे।

साभार दैनिक जागरण